डेढ़ बिलियन डॉलर से अधिक का कारोबार करने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनी है डार्विन प्लेटफ़ॉर्म ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़ कंपनी प्रवक्ता ने कहा भारत सरकार द्वारा स्थापित सभी मानदंडों का पालन करते हैं हम है।

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सिंगरौली। डार्विन प्लेटफ़ॉर्म ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़ के प्रतिनिधियों के बारे में कुछ गलत रिपोर्ट में निवेशकों को धोखा देने के जो आरोप लगे हैं वह कं के मुताबिक़ आधारहीन। डार्विन ग्रुप ने यह स्पष्ट किया है कि वो भारत सरकार द्वारा स्थापित सभी मानदंडों का पालन करती है और सर्वोत्तम नीतियों को अपनाती है। कंपनी के तीन प्रतिनिधि, जो पहले एचबीएन डेयरी और एबिल इन्वेस्टमेंट्स से जुड़े थे, वो डीपीजीसी प्लेटफॉर्म में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त नहीं थे। इसलिए ग्रुप ने उनके साथ खड़े रहने का फैसला किया है।
कंपनी के मध्यप्रदेश के हेड अरविंद साहा ने जारी बयान में बताया कि “आज हम जो भी है वो भारत भर में कार्यरत अपने प्रतिनिधियों के अथक प्रयासों की बदौलत हैं, क्योंकि उन्हें हमने हमेशा से नैतिक और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के लिए तैयार किया है। इन्हे एचबीएन डेयरी और एबिल इन्वेस्टमेंट जैसी संदिग्ध कंपनियों के साथ नहीं खींचा जाना चाहिए। हमारे पास अपने निवेशकों के हितों की रक्षा करने के लिए पर्याप्त संसाधन और कानूनी व्यवस्था है। हमारे व्यापार के तौर-तरीके सभी हितधारकों के हित को सुनिश्चित करते हैं।
श्री साहा का कहना है कि मौजूदा और नए प्रतिनिधियों के पिछले सभी रिकॉर्ड को भी सत्यापित किया है ताकि भविष्य में कोई भी साज़िश न हो और तेजी से बढ़ते भारतीय बहुराष्ट्रीय उद्यम के ब्रांड वैल्यू पर कोई सेंध न लगा सके। हम प्रतिनिधियों सहित अपने हितधारकों के हितों की रक्षा के लिए कई सुधार भी कर रहे हैं।कंपनी के कर्मचारियों और प्रतिनिधियों ने डार्विन प्लेटफ़ॉर्म ग्रुप के नाम पर कई जगहों पर कुछ लोगों के साथ दुर्व्यवहार या संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त होने के बारे में शीर्ष प्रबंधन को अवगत कराया था। इसलिए कंपनी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मुंबई में एक शिकायत दर्ज की थी, जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से भी डार्विन ग्रुप को क्लीन चिट दी गई है। कंपनी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की गहन जांच और आकलन के बाद ईडी द्वारा जारी किए गए पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कंपनी की कुल संपत्ति 1.6 बिलियन अमरीकी डालर है और इसमें 21 सहयोगी कंपनियाँ हैं जिनमें डार्विन प्लेटफ़ॉर्म कार टैक्सी कंपनी लिमिटेड भी शामिल है।
कंपनी के मध्यप्रदेश हेड के अनुसार ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि जांच में डार्विन ग्रुप कंपनी द्वारा किसी भी तरह की पोंजी स्कीम, मल्टीलेवल मार्केटिंग स्कीम, फेरा, फेमा, चिट फंड मनी या प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्री एक्टिविटी के उल्लंघन, प्राइज चिट मनी सर्कुलेशन बैनिंग एक्ट का उल्लंघन नहीं करती है। बताया कि गत 5 सितंबर को डीपीजीसी के अध्यक्ष को जारी एक पत्र में ईडी ने यह स्पष्ट किया है।
बताया गया कि डार्विन प्लेटफ़ॉर्म ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़ एक प्रमुख वैश्विक व्यापार समूह है जो कई क्षेत्रों में काम कर रहा है। डार्विन ग्रुप ने यह भी घोषणा की है कि इसकी सहायक डार्विन प्लेटफ़ॉर्म कार टैक्सी ट्रेड लिमिटेड मुंबई और अन्य महानगरों में कैब एग्रीगेटर के रूप में अपनी सेवाएँ देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। भोपाल सहित देश के कई अन्य शहरों में भी इसकी शुरुआत होगी। चालू वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी मुंबई और देश के अन्य बड़े शहरों में 5000 से अधिक कैब बेड़े के साथ इसका विस्तार करेगी।
समूह ने अपनी अन्य सहयोगी कंपनियों के साथ कई क्षेत्रों में तेजी से प्रगति की है जिसमें डार्विन प्लेटफॉर्म कैपिटल, डार्विन प्लेटफॉर्म होल्डिंग और डार्विन प्लेटफॉर्म इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। इनके अलावा ग्रुप अपनी सहायक कंपनियों और सहयोगी कंपनियों के माध्यम से बैंकिंग, हेल्थकेयर, एविएशन, रियल्टी, एनर्जी, मास मीडिया और आईटी सेक्टर में भी काम करता है। अंतर्राष्ट्रीय संघों का हिस्सा यह कंपनी बड़े बुनियादी ढांचे और तेल परियोजनाओं के लिए विशेष रूप से यूएई और ओमान के मध्य-पूर्व में प्रवेश किया है।
ज्ञात हो कि पिछले दिनों सिंगरौली जिले में इस कंपनी के 3 एजेंटों को पुलिस ने संदिग्ध मानकर पकड़ा था। इस घटना के बाद कंपनी प्रबंधन ने अपना पक्ष रखा है।

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