*संविदा कंपनी में नौकरी के लिए कोल परिवहन बाधित कर घंटों चला धरना प्रशासन के आश्वासन के बाद हुआ समाप्त*

Spread the love

सिंगरौली -दशकों से विस्थापन और मौजूदा कोविड-19 के समय में बेरोजगारी का दंश झेल रहे ब्लॉक बी परियोजना गोरबी के विस्थापितों ने कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव के नेतृत्व में रोजगार कि लड़ाई को लेकर सोमवार सुबह एनसीएल ब्लॉक बी गोरबी परियोजना का कोल परिवहन बाधित कर दिया। विस्थापितों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के कारण लगभग 03 घंटे तक ब्लॉक बी परियोजना का कोल परिवहन बाधित रहा। सूचना मिलने पर सदल बल घटनास्थल पर पहुंचे मोरवा निरीक्षक मनीष त्रिपाठी एवं गोरबी चौकी प्रभारी सुधाकर सिंह परिहार ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर ब्लॉक बी परियोजना गोरबी का कोल परिवहन मार्ग चालू कराया। तत्पश्चात दाये सड़क मार्ग से कोल परिवहन चालू रहा और बाये सड़क मार्ग पर प्रदर्शनकारियों को एकत्रित कर चितरंगी एसडीएम, नायब तहसीलदार (दुधमनिया वृत), मोरवा अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओपी) राजीव पाठक, मोरवा निरीक्षक मनीष त्रिपाठी व गोरबी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सुधाकर सिंह परिहार के समक्ष प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव भास्कर मिश्रा के साथ घंटों वार्ता चली किंतु प्रदर्शनकारी जिला कलेक्टर से घटनास्थल पर वार्ता पर अड़े रहे, जहां चितरंगी एसडीएम द्वारा जिला कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीणा से फोन पर वार्ता कर समझाइश दी कि जिला कलेक्टर द्वारा निर्धारित तय समय पर बैठक कर समस्याओं का निराकरण किया जाएगा, प्रशासन द्वारा मिले इस आश्वासन के बाद दोपहर 01:30 बजे धरना प्रदर्शन खत्म हुआ। खास बात यह देखने को मिली कि वार्तालाप के दौरान एनसीएल ब्लॉक बी परियोजना गोरबी से एसओपी (स्टाफ कार्मिक प्रबंधक) प्रदीप कुमार दुबे पहुंचे किंतु उनके पहुंचते ही प्रदर्शन कर रहे विस्थापितों द्वारा उन्हें दो मुहा सांप का कर उनसे वार्तालाप करने से मना कर दिया।

पुलिस बल के पहुंचते ही एक्टिव दिखे ब्लॉक बी अधिकारी व ट्रेड यूनियन

यह कोई पहला धरना प्रदर्शन नहीं था जून 2020 से नवंबर 2020 तक दर्जनों धरना प्रदर्शन ओबी कंपनी नीलकंठ में हो चुके हैं किंतु यह आज का धरना प्रदर्शन नीलकंठ कंपनी के गेट पर न होकर एनसीएल ब्लॉक बी परियोजना गोरबी खदान मार्ग के मेन गेट पर प्रदर्शनकारियों द्वारा एकत्रित हो मार्ग पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे थे किंतु भारी मात्रा में पुलिस बल के पहुंचते ही ब्लॉक बी एसओपी (स्टाफ कार्मिक प्रबंधक) प्रदीप कुमार दुबे, ट्रेड यूनियन से मोहम्मद जिन्ना, बीएन सिंह, रामलल्लू साकेत इत्यादि नेता व अधिकारियों द्वारा एक सड़क मार्ग से कॉल परिवहन में लगे वाहनों को अंदर बाहर करने में जुटे रहे।

आखिर नीलकंठ में ही क्यों चल रहा महाभारत, सीएचपी संचालक प्राइवेट कंपनी पर क्यों मेहरबान जनप्रतिनिधि

बातचीत के दौरान नीलकंठ कंपनी के अधिकारी ने बताया कि कुछ लोगों द्वारा व्यक्तिगत स्वार्थ साधने के लिए नीलकंठ माइनिंग को ही टारगेट कर नौकरी के लिए जनप्रतिनिधि, ब्लॉक बी ट्रेड यूनियन नेता, विस्थापित, प्रभावित इत्यादि लोगों द्वारा धरना प्रदर्शन हड़ताल इत्यादि कराया जाता है। जबकि नीलकंठ के अलावा भी सीएचपी का संचालन प्राइवेट कंपनी द्वारा किया जा रहा है उसमें क्यों जनप्रतिनिधि, ट्रेड यूनियन नेता, विस्थापित व प्रभावित लोगों द्वारा रोजगार क्यों नहीं मांगा जा रहा। जो अपने आप में प्रश्न चिन्ह है ?

सिंगरौली लाइव

पैनी नज़र,पक्की ख़बर