*पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेंगे : धीरेंद्र धर द्विवेदी (वरिष्ठ पत्रकार एवं म.प्र. श्रमजीवी पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष

Spread the love

*पत्रकारो के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले पुलिस के खिलाफ जरुरत पड़ी तो मोर्चा खोल दिया जाएगा । ऐसे विवादित पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी न लगाएं , जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो । टोटल लाकडाउन का सख्ती से पालन हो । पत्रकार साथी इसके पक्षधर हैं ताकि कोरोना के दूसरी लहर के चैन को तोड़ा जा सके । लेकिन जांच पड़ताल के नाम पर किसी भी व्यक्ति के साथ अभद्र व्यवहार न करें नहीं तो बर्दाश्त बाहर होगा*

*उक्त बातें मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ सिंगरौली के जिलाध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार गुरू धीरेन्द्रधर द्विवेदी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही है*

*उन्होने बताया के कल शुक्रवार की सुबह करीब 11 के बीच बैढन क्षेत्र से समाचार कवरेज कर एक दैनिक सामाचार पत्र के पत्रकार साथी अपने निजी वाहन से विध्यनगर नवजीवन बिहार घर जा रहे थे कि मस्जिद चौराहा पर तैनात उपनिरीक्षक पुष्पेन्द सिंह एवं यातायात के एक कर्मी ने उन्हें रोक लिया । पत्रकार को रोकने के बाद आने – जाने का कारण पूछा तो उसने जानकारी देते हुए अपना परिचस पत्र भी दिखाया लेकिन उपनिरीक्षक पत्रकार की एक भी बात सुनने को तैयार नहीं थे बल्कि खाकी बर्दी का रौब झाड़ते हुए अश्लील गालियों का बौछार करने लगे । करीब 10 मिनट तक दोनो में तिखी बहस होती रही । पत्रकार बार – बार अपना परिचय पत्र दिखाते हुए उन्हें गाली न देने से मना करता बावजूद
इसके उपनिरीक्षक व यातायात कर्मी गालियां देने एवं जेल में भेज देने जैसे शब्दो के इस्तेमाल करने से बाज नहीं आ रहे थे । पत्रकार ने जब इसी पूरी घटना की जानकारी फोन के माध्यम से कोतवाली टीआई को दी तो टीआई ने उपनिरीक्षक को फोन पर ही समझाया तब कहीं मामला शांत हुआ । इसके बावजूद उपनिरीक्षक पत्रकार को धमकाने , फर्जी केसों में फंसाने और पुलिस की ताकत बताने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा*

जिलाध्यक्ष ने आगे कहा कि उपनिरीक्षक एवं यातायात कर्मी का यह कृत्य घोर निंदनीय है । जब एक पत्रकार के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार उक्त दोनो पुलिसकर्मी कर सकते हैं तो आम आदमियों के साथ उनका व्यवहार कैसा होगा । इसी से सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

श्री द्विवेदी ने सख्त लहजे में कहा है कि यदि किसी भी पत्रकार साथी के साथ पुलिस एवं प्रशासन दुर्व्यवहार करता है तो वह बर्दाश्त से बाहर है । कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से हस्तक्षेप करते हुए कहा है कि ऐसे पुलिस कर्मियों को समझाएं बुझाएं ताकि घटना की पुनरावृत्ति न हो । नही तो पत्रकार संगठन प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने में कोई गुरेज नहीं करेगा।

*फोटो खिंचने पर गाली – गलौज*

मस्जिद चौक पर चेकिंग के दौरान पत्रकार वहां की कुछ तस्वीरें अपने मोबाइल में कैद कर रहा था कि उपनिरीक्षक एवं यातायात की फोटो खिंचने पर तरह – तरह की धाराएं गिनाने लगे और कहा कि यदि फोटो डिलिट नही किए तो पीसीआर को बुलाकर अभी हवालात में बंद करा देंगे । उपनिरीक्षक की इस धमकी के बावजूद पत्रकार अपने ड्यूटी निभाने मे पीछे नही रहा । उक्त पत्रकार ने कहा कि पुलिस कर्मियों का बर्ताव ठीक नहीं है । टोटल लाकडाउन का भड़ास आम नागरिकों पर निकालने का प्रयास कर रहे हैं । उसने यह भी आरोप लगाया कि इन दिनो कथित पुलिस कर्मियों की काली कमाई बंद होने से चिड़चिड़ा पन आ गया है और अपना गुस्सा इसी तरह दिखा रहे हैं।

सिंगरौली लाइव

पैनी नज़र,पक्की ख़बर